इस लेख में आप दांतों की आरसीटी के बारे में जानेंगे, जिसे रूट कैनाल ट्रीटमेंट या रूट कैनाल थेरेपी भी कहते हैं |आरसीटी इलाज उस इलाज को कहा जाता है जिसमें दांतों में कीड़ा लगने के उपरांत, कीड़ा या इंफेक्शन दांतो के पल्प चेंबर और रूट कैनाल के अंदर पहुंच चुका होता है | आरसीटी उन परिस्थितियों में भी किया जाता है जिसमें इंफेक्शन या कीड़ा रूट कैनाल से बाहर, हड्डियों में पहुंच जाता है, और हड्डियों में फोड़ा बनाता है | यह फोड़ा मसूड़े की सूजन के रूप में दांतो के बगल में दिखता है |

dental caries
पल्प चेंबर तक पहुंचने वाले दंत क्षय के अग्रिम स्थित दिखाती हुई तस्वीर |

यहां मैं एक बात स्पष्ट करना चाहूंगा; और वह यह है कि मेरे पास आने वाले बहुत सारे मरीज यह नहीं जानते कि आरसीटी कब की जाती है| तथा वे लोग पीरियडोंटाइटिस/पायरिया रोग में भी आरसीटी करने की मांग करने लगते हैं|यहां उन्हें यह जानने की आवश्यकता है कि रूट कैनाल थेरेपी सिर्फ उपरोक्त वर्णित परिस्थितियों में ही किया जाता है, ना कि पायरिया या पीरियडोनटाइटिस रोग की उपस्थिति में | पायरिया या पीरियडोनटाइटिस मसूड़े और हड्डियों का एक अन्य रोग होता है जिसका इलाज दवाएँ और दांतों की सफाई है | पायरिया के बारे में जानने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

अब, हम रूट कैनाल उपचार के बारे में बात करेंगे | सर्वप्रथम तो दांतो का इन्फेक्शन पल्प चैंबर और रूट कैनाल में पहुंचा है या नहीं इसे जानने के लिए एक एक्सरे करना आवश्यक है | एक्सरे से ही पता चलता है कि आरसीटी सफल होगी या इसकी सफलता का प्रतिशत बहुत कम है | यदि सफलता का प्रतिशत बहुत कम होता है तो डेंटिस्ट आरसीटी करने के बजाय दांत को उखाड़ने की सलाह देते हैं |

pulpal exposer by dental decay
एक्स रे तस्वीर में पल्प एक्सपोजर दिख रहा है |

अब मैं आपको आरसीटी कैसे की जाती है, यह बताऊंगा | आरसीटी करने के लिए दांत में उपस्थित कीड़ो मतलब संक्रमण, और दांत के सड़े हुए भाग, को काट कर निकाल दिया जाता है, तथा पल्प चेंबर को खोल दिया जाता है | तत्पश्चात एक विशेष औजार की सहायता से सड़े हुए पल्प को पल्प चेंबर और रूट कैनाल से निकाल दिया जाता है | इसके साथ ही कई सारे केमिकल्स की सहायता से धोकर, सड़े हुए पल्प को, पल्प चेंबर और रूट कैनाल से बाहर निकाला जाता है | जब रूट कैनाल पूरी तरह से कीटाणु मुक्त हो जाती है, तब एक विशेष पदार्थ, गट्टा पर्चा, से भर दिया जाता है | तत्पश्चात कैविटी को एक फिलिंग सामग्री से भर दिया जाता है | 

thirty eight week course
दांतो के सड़े हुए भाग को निकालने, और रूट कैनालों को साफ करने के उपरांत, एक दांत का चित्र | दो रूट कैनाल स्पष्ट रूप से दिखाई रहे रहे हैं |

यहां पर एक बात ध्यान देने की है कि आरसीटी के बाद दांत अत्यंत ही कमजोर हो जाते हैं और भविष्य में कभी भी टूट सकते हैं | इस दुर्घटना से बचने के लिए दांतो के ऊपर कैप या क्राउन लगाया जाता है | कैप के बारे में जानकारी लेने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें |


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