आज मैं आपको मुख के उस रोग के बारे में बताने जा रहा हूं, जिससे देश की आधी से ज्यादा आबादी पीड़ित है | इसमें बच्चे, बूढ़े और जवान सभी शामिल हैं | ऐसा भी हो सकता है कि यह रोग मुंह में हो भी, और आपको इसका पता ही ना हो, क्योंकि यह रोग अभी अपने प्राथमिक अवस्था में होगा |

इस रोग को चिकित्सा शब्दावली में जिंजिवाइटिस कहते हैं, और यह मसूड़े का रोग है | आज इस लेख के माध्यम से, मै, जिंजिवाइटिस के लक्षण, इसकी रोकथाम, और इसके इलाज के बारे में जानकारी दूँँगा | इस लेख के अंत में यह भी बताऊंगा कि यदि शुरू में ही इसका उपचार नहीं किया गया तो भविष्य में इसके क्या-क्या  गंभीर परिणाम हो सकते हैं |

तो सर्वप्रथम इसके लक्षण के बारे में बात करते हैं | इस रोग की शुरुआती अवस्था में दांतो के बीच में जो मसूड़े होते हैं, उनका सामान्यता गुलाबी रंग, चमकदार लाल रंग में बदल जाता है| तथा मसूड़े में हल्की हल्की सूजन दिखने लगती है | थोड़े समय बाद दांतो पर ब्रश करते समय मसूड़े से खून आने लगता है |और यदि  समय पर इलाज नहीं होता है तो मसूड़े सेे अपने आप खून निकलना शुरू हो जाता है | इस अवस्था में मरीजों को ठंडी या मीठी चीजों से दांतों में संवेदनशीलता हो सकती है |

सामान्यतया जिंजिवाइटिस रोग में इन लक्षणों के अतिरिक्त और कोई लक्षण नहीं दिखते हैं |लेकिन कुछ व्यक्तियों में अन्य लक्षण भी दिख सकते हैं, जैसे कि मुंह से दुर्गंध आना, मुंह में खट्टा खट्टा अनुभव होना, मसूड़े से पानी जैसा पदार्थ निकलना, मसूड़े के साथ मुंह में पथरी का जमाव, इत्यादि |

मसूड़े के इस रोग को, इस अवस्था तक, जिंजिवाइटिस कहा जाता है | जिंजिवाइटिस, एक दांत से संबंधित मसूङे से लेकर, पूरे मुंह के मसूड़ों में हो सकती है | नीचे दिए गए चित्रों को देख कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह जिंजिवाइटिस कैसी दिखती है |

छवि 1: मसूड़े की सूजन (जिंजिवाइटिस) के विभिन्न लक्षण दिखाती एक तस्वीर
छवि 1: मसूड़े की सूजन (जिंजिवाइटिस) के विभिन्न लक्षण दिखाती एक तस्वीर |
छवि 2:  जिंजिवाइटिस-मसूड़ों से सहज रक्तस्राव हो रहा है
छवि 2: जिंजिवाइटिस-मसूड़ों से सहज रक्तस्राव हो रहा है |

अब मैं आपको इस जिंजिवाइटिस के उपचार के बारे में बताऊंगा | सर्वप्रथम तो आपको इसके उपचार के लिए किसी डेंटिस्ट अर्थात दंत रोग विशेषज्ञ के पास जाकर उसको दिखाना चाहिए तथा इसके उपचार के लिए उससे सलाह लेनी चाहिए | दंत रोग विशेषज्ञ आपको इस रोग  के कारक बैक्टीरिया को समाप्त करने के लिए कुछ दवाइयां देगा|आवश्यक हुआ तो  मुंह में उपस्थित कैलकुलस को मशीन से साफ करेगा | एक बार मुंह की अच्छी तरह से सफाई हो जाने के उपरांत, अपने मुंह को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आपको स्वयं सतत प्रयास करने होंगे| इसके लिए यह आवश्यक है कि आप सुबह के नाश्ता के बाद तथा रात के भोजन के उपरांत अपने दांतों को किसी अच्छे टूथपेस्ट और नर्म टूथब्रश के द्वारा साफ करें|यह दांतों की सफाई जीवनपर्यंत आपको करनी होगी | तभी आपके दांत और मसूड़े जीवन पर्यंत स्वस्थ रह सकते हैं |

छवि 3: मशीन द्वारा पथरी की सफाई के बाद छवि 1 की मुंह की तस्वीर। मसूड़े की सूजन की स्थिति पर ध्यान दें |

अपने दांतो से संबंधित किसी रोग के उपचार के बारे में यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो आप नीचे दिए गए कमेंट के कॉलम में अपना प्रश्न लिखकर हमें भेज सकते हैं | थोड़े समय बाद हम आपको उचित उत्तर देंगे |

यदि समय पर जिंजिवाइटिस का उपचार नहीं किया गया तो आगे चलकर यह पीरियडोंटाइटिस (मसूढ़े में पीब पड़ने का रोग) में परिवर्तित हो सकता है | जिसकी जानकारी अगले लेख में दी गई है | दिए गए लिंक पर क्लिक करके उसके बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं|

%d bloggers like this: